उदयपुर शहर के सबसे बड़े महाराणा भूपाल (एमबी) राजकीय चिकित्सालय परिसर में सोमवार सुबह उस समय भारी अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब वहां संचालित एक निशुल्क भोजन वितरण संस्थान में अचानक गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही देर में सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया. गनीमत यह रही कि समय रहते परिसर को खाली करवा लिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई.
आग लगते ही मची अफरा-तफरी, कर्मचारियों ने दिखाया साहस
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह निशुल्क भोजन वितरण संस्थान में रोजाना की तरह काम चल रहा था. इसी दौरान वहां रखे एक रसोई गैस सिलेंडर से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग तेजी से फैलने लगी. घटना के वक्त संस्थान के भीतर कई कर्मचारी और भोजन लेने आए लोग मौजूद थे, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.
वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और अपनी जान पर खेलकर अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया. सभी लोगों को बाहर निकालने के कुछ ही मिनटों बाद सिलेंडर में एक के बाद एक भीषण ब्लास्ट हो गया.
धमाके से बिखरा सामान, पानी की बौछारों से पाया काबू
सिलेंडर ब्लास्ट का धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज से पूरा अस्पताल परिसर दहल उठा. धमाके के कारण भोजनशाला के परखच्चे उड़ गए और भीतर रखा सारा सामान जलकर इधर-उधर बिखर गया. अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज, तीमारदार और स्टाफ भी धमाके की आवाज सुनकर सहम गए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई.
घटना की तुरंत सूचना अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों को दी गई. इसके बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए पानी के फव्वारे और बौछारें छोड़कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया.
लापरवाही की आशंका, जांच में जुटा अस्पताल प्रशासन
शुरुआती और प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि यह हादसा निशुल्क भोजन संस्थान के कर्मचारियों की किसी बड़ी लापरवाही के चलते हुआ हो सकता है. हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह गैस रिसाव थी या कुछ और, इसका आधिकारिक खुलासा अस्पताल प्रशासन और फायर सेफ्टी टीम की विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा. अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

