डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पादरड़ी निवासी एक सरकारी कर्मचारी का इलाज के दौरान निधन होने का मामला सामने आया है. मृतक जालकुआं में वेटरनरी कंपाउंडर के पद पर कार्यरत थे और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहे थे. पुलिस ने अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है.
दो साल से कैंसर से थे पीड़ित
रामसागड़ा थाने के हेड कांस्टेबल प्रकाश चंद्र ने बताया कि पादरड़ी निवासी प्रताप (50 वर्ष), पुत्र धीराजी डामोर, पशुपालन विभाग में वेटरनरी कंपाउंडर के पद पर जालकुआं में तैनात थे. वे पिछले करीब दो वर्षों से घातक कैंसर की बीमारी से ग्रसित थे. उनका परिवार लगातार उनका इलाज करवा रहा था. इसी दौरान तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें नाथद्वारा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां रविवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.
भाई ने दर्ज करवाई रिपोर्ट, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना को लेकर मृतक के बड़े भाई दिनेश डामोर ने रामसागड़ा थाना पुलिस को एक लिखित रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रताप लंबे समय से बीमार थे और उनकी मौत बीमारी के कारण ही अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है. परिजनों ने इस घटना में किसी भी प्रकार का कोई संदेह या अंदेशा व्यक्त नहीं किया है.
पुलिस ने परिजनों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया है. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और शव अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.

