राजसमन्द के दिवेर थाना क्षेत्र की बागाना ग्राम पंचायत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘गोरी धाम’ में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया. यहां अपनी मंगेतर के साथ घूमने आए चित्तौड़गढ़ निवासी एक युवक की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. बुधवार सुबह उदयपुर से बुलाई गई एसडीआरएफ (SDRF), सिविल डिफेंस और स्थानीय पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकाला.
मंगेतर के सामने पैर फिसलने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चित्तौड़गढ़ के सुरजना चौकी निवासी अर्जुन दमामी (पिता महेंद्र दमामी) अपनी मंगेतर और उनके अंकल के साथ गोरी धाम घूमने आए थे. अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए, जबकि अर्जुन और उसकी मंगेतर फोटोशूट कराने के लिए नीचे की तरफ गए. पानी के नजदीक पहुंचने पर अचानक अर्जुन का पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे कुंड में चला गया। मंगेतर के सामने ही अर्जुन पानी में समा गया. उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े.
देर रात तक चला अभियान, सुबह मिली सफलता
सूचना मिलते ही दिवेर थाना अधिकारी दौलत सिंह मय जाप्ता और राजसमंद सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची. मंगलवार देर रात तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और पानी गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिली. बुधवार सुबह उदयपुर से आई SDRF की विशेष टीम ने दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन का शव पानी से बाहर निकाला.
पुलिस और ग्रामीणों ने पेश की मिसाल, 100 फीट ऊंची पहाड़ी लांघकर लाए शव
इस बेहद दुर्गम इलाके में दिवेर पुलिस के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस की मिसाल पेश की. शव को खाईनुमा गहरे कुंड से निकालकर लगभग 100 फीट ऊंची खड़ी पहाड़ी के ऊपर तक सुरक्षित लाना बेहद चुनौतीपूर्ण था. ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने कंधे से कंधा मिलाकर, भारी मशक्कत करते हुए शव को पहाड़ी के ऊपर पहुंचाया.
खुशियां मातम में बदलीं
पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया है. इस हादसे से परिवार में कोहराम मच गया है. जिस घर में जल्द ही शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अचानक मातम पसर गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

