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प्रतापगढ़: मानदेय और क्लेम अटकने से नाराज आशा सहयोगिनियों का फूटा गुस्सा, स्वास्थ्य भवन पर प्रदर्शन कर दी आंदोलन की चेतावनी

प्रतापगढ़ लंबे समय से मानदेय और क्लेम की राशि नहीं मिलने से खफा आशा सहयोगिनियों के सब्र का बांध आज टूट गया. आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियाँ आज जिला स्वास्थ्य भवन (CMHO कार्यालय) पहुंचीं और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया.

अपनी जायज मांगों को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के नाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक ज्ञापन सौंप.

ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो वे आगामी दिनों में उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगी.

बीते अक्टूबर से नहीं मिला मानदेय, आर्थिक संकट गहराया

ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि उनके द्वारा फील्ड में किए गए कार्यों के क्लेम की राशि लंबे समय से विभाग में अटकी पड़ी है, जिसे पास नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा, जो नियमित मानदेय उन्हें मिलता है, वह भी बीते अक्टूबर माह से बकाया है. लगातार कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण इन महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

टुकड़ों में भुगतान से हो रहा है भारी नुकसान

प्रदर्शन में शामिल आशा सहयोगिनी भावना शर्मा ने बताया कि वे ज़मीनी स्तर पर दिन-रात कड़ी मेहनत और परिश्रम करती हैं. सरकार की हर छोटी-बड़ी स्वास्थ्य योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों और ग्रामीण अंचल तक पहुँचाने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होती है. लेकिन विडंबना यह है कि दूसरों को राहत देने वाली इन महिलाओं के खुद के हक के काम अटके पड़े हैं.

टुकड़े-टुकड़े में मिलता है बजट:

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से उन्हें एकमुश्त राशि देने के बजाय टुकड़े-टुकड़े में बजट प्रदान किया जाता है. इस अव्यावहारिक व्यवस्था के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है और भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है.

जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ठप करेंगी काम

आशा सहयोगिनियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि प्रतापगढ़ जिले की सभी आशा सहयोगिनियों की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थाई समाधान निकाला जाए. उनका अटका हुआ क्लेम और अक्टूबर से बकाया मानदेय एकमुश्त जारी किया जाए. उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर चक्काजाम और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी.

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