उदयपुर लेक सिटी के फतहपुरा एरिया में बीती देर रात अघोषित बिजली कटौती से परेशान क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक बत्ती गुल होने से नाराज लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार हंगामा किया. अधिकारियों की लापरवाही से आक्रोशित लोग आधी रात को ही सड़कों पर उतर आए.
शिकायत केंद्र पर ताला, एईएन ऑफिस में मिला सिर्फ गार्ड
जानकारी के अनुसार, फतहपुरा क्षेत्र में रात करीब 11 बजे अचानक बिजली बंद हो गई. उमस से बेहाल लोग जब शिकायत दर्ज कराने फतहपुरा चौराहा स्थित बिजली विभाग के शिकायत केंद्र पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। दफ्तर खाली देखकर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. इसके बाद क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में मधुबन स्थित एईएन (AEN) ऑफिस पहुंचे, लेकिन वहां भी सुरक्षा के लिए तैनात एक गार्ड के अलावा कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था.
फोन बंद कर सोए रहे अधिकारी, बच्चे और बुजुर्ग रहे बेहाल
क्षेत्रवासी लोकेश शर्मा ने बताया कि रात 11 बजे बिजली गुल होने के बाद जब शिकायत केंद्र पर कोई नहीं मिला, तो लोगों ने एईएन और जेईएन को फोन मिलाए. लेकिन अधिकारियों ने जनता के फोन अटेंड करना तक मुनासिब नहीं समझा. इस भीषण गर्मी में आधी रात को नींद के समय सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ी. करीब डेढ़ घंटे बाद रात 12:30 बजे बिजली सुचारू हो सकी, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली.
“बिल नहीं भरो तो इज्जत उतारते हैं, अब इनकी इज्जत कौन उतारेगा?”
प्रदर्शन में शामिल क्षेत्रवासी और जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता सौरभ वशिष्ट ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, “बिना किसी पूर्व सूचना या घोषणा के बिजली बंद करना अब इस विभाग की आदत बन चुका है. इनकी कोई जवाबदेही नहीं है. अगर आम जनता समय पर बिजली का बिल न भरे, तो ये तुरंत कनेक्शन काटने पहुंच जाते हैं और सबके सामने इज्जत उतारते हैं. लेकिन जब इनकी लापरवाही से पूरी जनता परेशान होती है, तब इनकी इज्जत कौन उतारेगा? बिजली गुल होते ही इनके सारे फोन बंद हो जाते हैं.”

