प्रतापगढ़ अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला कलक्टर शुभम चौधरी एवं जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य की मौजूदगी में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के पोस्टर का विमोचन किया गया. इस दौरान सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता शॉर्ट फिल्म दिखाई गई.

नशे की लत से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय: जिला कलक्टर
जिला कलक्टर शुभम चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों की लत से बाहर निकलना अत्यंत कठिन है. यह न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देती है. ड्रग्स की ओर बढ़ा एक कदम जीवन को अंधकार की ओर धकेल देता है. उन्होंने समाज से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि अवैध मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें.
तस्करों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि वर्तमान में सिंथेटिक और मैन्युफैक्चरिंग ड्रग्स युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. प्रतापगढ़ पुलिस इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध नशे के नेटवर्क, भंडारण या बिक्री की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसपी ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के कड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी.
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर विजयेश कुमार पंड्या और सामाजिक न्याय विभाग के सहायक निदेशक डॉ. टी. आर. आमेटा ने भी विचार व्यक्त किए. विभाग द्वारा राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 की जानकारी साझा की गई. इस मौके पर एसीईओ धनदान देथा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और युवा मौजूद रहे.

