डूंगरपुर आबकारी विभाग की ओर से गुरुवार को जिले में शराब तस्करी के दौरान जब्त की गई गाड़ियों की भव्य नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई. शहर के अटल सामुदायिक केंद्र में आयोजित इस नीलामी में विभाग को उम्मीद से कहीं बढ़कर सफलता मिली है. कुल 95 गाड़ियों में से 68 गाड़ियों की सफल नीलामी हुई, जिससे विभाग को अनुमान से 38 लाख रुपए अधिक का बंपर राजस्व प्राप्त हुआ है. करीब साढ़े नौ घंटे चली इस प्रक्रिया में कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपए की बोलियां लगाई गईं.

उम्मीद से ₹38 लाख ज्यादा मिला राजस्व
जिला आबकारी अधिकारी भरत मीणा ने बताया कि आबकारी विभाग और विभिन्न पुलिस थानों द्वारा समय-समय पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन वाहनों को जब्त किया गया था. विभाग ने इन गाड़ियों की नीलामी से करीब 1 करोड़ 9 लाख रुपए के राजस्व का प्रारंभिक अनुमान लगाया था. लेकिन खरीदारों के बीच मची होड़ और जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के चलते विभाग को अनुमान से ₹38 लाख रुपए ज्यादा यानी कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपए का राजस्व हासिल हुआ.
नीलामी में शामिल थे भारी और दुपहिया वाहन
इस विशेष नीलामी प्रक्रिया में अलग-अलग श्रेणियों के कुल 95 वाहनों को शामिल किया गया था. इनमें 24 हैवी मोटर व्हीकल (HMV – बड़े व्यावसायिक वाहन), 59 लाइट मोटर व्हीकल (LMV – कार, जीप आदि) और 12 दुपहिया वाहन शामिल थे.नीलामी की खबर मिलते ही सुबह से ही बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी खरीदार अटल सामुदायिक केंद्र पहुंचे और अपने पसंदीदा वाहनों पर बोलियां लगाना शुरू किया.
27 गाड़ियों को नहीं मिला कोई खरीदार
हालांकि, सुबह से लेकर देर शाम तक करीब 9 घंटे 30 मिनट चली इस मैराथन नीलामी में 27 गाड़ियों के लिए कोई भी खरीदार सामने नहीं आया. अधिकारियों के अनुसार, इन 27 गाड़ियों के न बिकने की मुख्य वजह उनका अत्यधिक पुराना होना और बेहद खराब (कबाड़) हालत में होना है. मरम्मत का खर्च ज्यादा होने की आशंका के चलते खरीदारों ने इनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई. विभाग इन बची हुई गाड़ियों के लिए जल्द ही नए सिरे से प्रक्रिया तय करेगा.

