डूंगरपुर जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन पृथ्वी’ के तहत आसपुर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने फर्जी ई-रवाना और कूट रचित दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से क्वार्ट्ज पत्थरों का परिवहन कर रहे एक डंपर को जब्त किया है. इसके साथ ही पुलिस ने मौके से डंपर चालक को भी गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी और खनन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के कड़े निर्देशन में अंजाम दी गई.

धर्मकांटा के पास चेकिंग में खुली पोल
आसपुर थानाधिकारी मदन लाल ने बताया कि पुलिस टीम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए गश्त पर थी. इसी दौरान कतिसौर स्थित धर्मकांटा के समीप एक संदिग्ध डंपर (नंबर: GJ 03 BZ 8001) आता हुआ दिखाई दिया, जिसे रुकवाकर जांच की गई तो वह क्वार्ट्ज पत्थरों से पूरी तरह भरा हुआ पाया गया. जब पुलिस ने चालक से खनिज परिवहन से जुड़े वैध रॉयल्टी और खनन दस्तावेज मांगे, तो उसने बोडिगामा साबला क्षेत्र की एक लीज और ऑनलाइन रवानगी पर्ची दिखाई.
DST की जांच में फर्जी निकली रवानगी पर्ची
दस्तावेजों पर शक होने पर जिला विशेष टीम (DST) को इसकी जांच सौंपी गई. डीएसटी की तकनीकी और धरातलीय जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि चालक द्वारा दिखाई गई लीज और ई-रवाना पर्ची पूरी तरह से फर्जी और कूट रचित थी. वास्तव में यह कीमती क्वार्ट्ज खनिज रंगथौर कस्बे के एक इलाके से बिना किसी स्वीकृत लीज और सरकारी अनुमति के, अवैध रूप से खनन कर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था.
चालक गिरफ्तार, मोबाइल और डंपर जब्त
दस्तावेजों में हेराफेरी और अवैध खनन का मामला साफ होने पर आसपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डंपर चालक हितेश पुत्र उमियाशंकर परमार (निवासी बटीकड़ा, थाना दोवड़ा) को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने अवैध खनिज से भरे डंपर को जब्त करने के साथ ही चालक का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं और फर्जी पर्ची बनाने वालों का पता लगाया जा सके. फिलहाल पुलिस मामले में गहन अनुसंधान कर रही है.

