शुल्क वृद्धि को वापस लेने सहित अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर चल रहा आंदोलन दूसरे दिन भी अनवरत जारी रहा. विश्वविद्यालय प्रशासन के अड़ियल रवैये और फीस में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में शुक्रवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया. छात्रों ने आहुतियां देकर ईश्वर से प्रार्थना की कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन को सद्बुद्धि प्रदान करें ताकि वे छात्रहित में उचित निर्णय ले सकें.
जनजाति क्षेत्र के छात्र-छात्राओं पर बढ़ा आर्थिक बोझ
एबीवीपी के नगर संयोजक सुदर्शन शर्मा ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लागू की गई सेमेस्टर प्रणाली के तहत अब साल में दो बार भारी-भरकम शुल्क वसूला जा रहा है. परीक्षा शुल्क, नामांकन शुल्क सहित अन्य सभी शुल्कों में की गई यह अत्यधिक बढ़ोतरी इस जनजाति बाहुल्य इलाके के गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों पर एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है. छात्र परिषद इस जनविरोधी फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग कर रही है.
विद्यार्थी परिषद की मुख्य पांच सूत्रीय मांगें:
- फीस वृद्धि की वापसी: सेमेस्टर प्रणाली के तहत बढ़ाए गए सभी शुल्कों को तत्काल प्रभाव से कम किया जाए.
- महाविद्यालयों का नामकरण: प्रतापगढ़ जिले के सभी 8 राजकीय महाविद्यालयों का नाम स्थानीय जनजाति महापुरुषों के नाम पर रखा जाए.
- छात्राओं की सुरक्षा: महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में परमानेंट सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था हो.
- नए विषयों की शुरुआत: कॉलेज में नए विषय और संकाय खोले जाएं, ताकि स्थानीय छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े.
- पूर्व आश्वासनों को पूरा करना: विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पहले दिए गए आश्वासनों पर तुरंत धरातलीय कार्रवाई हो.
मांगें नहीं मानने पर चक्का जाम और भूख हड़ताल की चेतावनी
चित्तौड़ विभाग संयोजक विशाल डांगी और जिला संयोजक प्रशांत खत्री ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में भी केवल कोरे आश्वासन दिए थे, जिससे छात्रों में भारी असंतोष है. यदि इस बार उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो विद्यार्थी परिषद आने वाले दिनों में भूख हड़ताल, तालाबंदी और चक्का जाम जैसे उग्र कदम उठाने के लिए बाध्य होगी.

