डूंगरपुर आसपुर थाना पुलिस ने वाहन रिस्टोर (पुनर्निर्माण) करने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने और पिछले 3 साल से लगातार फरार चल रहे एक शातिर इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. पुलिस ने दो हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद आवेश को ब्यावर से दबोचा है. आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.
गाड़ी चमकाने के नाम पर एडवांस लिए और बेच दिए पुर्जे
आसपुर थानाधिकारी मदनलाल ने बताया कि ठगी का यह मामला 20 मई 2022 को दर्ज हुआ था. रामा निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान ने अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को नए जैसा (रिस्टोर) कराने के लिए ब्यावर के लोहारों का मोहल्ला निवासी दो भाइयों— मोहम्मद शाहरुख और मोहम्मद आवेश खान को 1 लाख 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे. करीब दस दिन बाद जब पीड़ित ने अपनी गाड़ी का पता किया, तो उसके होश उड़ गए. दोनों भाइयों ने मिलकर स्कॉर्पियो की बॉडी और टायर बाजार में बेच दिए थे, जबकि गाड़ी के अन्य कीमती पुर्जे और चेसिस गायब कर दिए थे.
एक भाई पहले ही जा चुका है जेल, दूसरा था फरार
पीड़ित की शिकायत पर आसपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले के मुख्य सह-आरोपी मोहम्मद शाहरुख को इसी साल 26 जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हालांकि, उसका भाई मोहम्मद आवेश लगातार फरार चल रहा था. पुलिस की कई टीमों ने ब्यावर और आसपास के इलाकों में दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था. इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी आवेश पर दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
सटीक मुखबिरी पर पुलिस टीम ने ब्यावर में दी दबिश
थानाधिकारी ने बताया कि हाल ही में पूंजपुर चौकी प्रभारी एएसआई राकेश कुमार, श्रीधर, राजवीर सिंह और दुर्गेश की एक विशेष टीम का गठन किया गया था. मुखबिर से आरोपी के ब्यावर में छिपे होने की सटीक सूचना मिलते ही टीम ने संभावित ठिकाने पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और मोहम्मद आवेश को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर गायब की गई स्कॉर्पियो के चेसिस और अन्य पुर्जों की बरामदगी को लेकर गहन पूछताछ कर रही है.

