बांसवाड़ा जिले में अवैध धर्मांतरण और ग्रामीणों पर जानलेवा हमले के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-02’ के तहत सज्जनगढ़ थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य वांछित आरोपी सोहन रावत को गिरफ्तार कर लिया है. कुशलगढ़ थाना पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई के बाद इस चर्चित प्रकरण में अब तक कुल 10 आरोपी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं.
प्रलोभन देकर कराया जा रहा था धर्मांतरण
यह पूरा मामला कलिंजरा क्षेत्र का है. शिकायतकर्ता रवि भामोर ने 1 मई 2026 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि क्षेत्र में कुछ लोग जनजातीय वर्ग और हिंदू समुदाय के लोगों को बहला-फुसलाकर व विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर जबरन ईसाई धर्म में परिवर्तित कराने के लिए एक सभा आयोजित कर रहे थे. इसके साथ ही वहां गोकशी की सूचना भी सामने आई थी.
विरोध करने पर धारदार हथियारों से किया था जानलेवा हमला
मामले की जानकारी मिलने पर जब पीड़ित रवि अपने साथियों प्रशांत तंवर, लव टेलर, आदिश राणावत और करीब 10 अन्य लोगों के साथ मौके पर स्थिति देखने पहुंचा, तो वहां मौजूद आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. आरोपियों ने पीड़ितों को अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की नीयत से लाठियों, पत्थरों व धारदार घातक हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस खूनी संघर्ष में प्रशांत, लव और आदिश के सिर व शरीर पर गंभीर और जानलेवा चोटें आई थीं.
दबिश देकर आरोपी को दबोचा
सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद पूर्व में ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन आरोपी सोहन रावत (41) पुत्र सुलतान रावत (निवासी कुशलगढ़) लगातार फरार चल रहा था. सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें महिला एएसआई नानी, कांस्टेबल अरविंद, देवेन्द्र सिंह और कुशलगढ़ थाने के कांस्टेबल जितेन्द्र व सोहनलाल शामिल थे, ने सटीक सूचना पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है.

