उदयपुर शहर में पुलिस प्रशासन और वकीलों के बीच टकराव की स्थिति गरमा गई है. खेरोदा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को उदयपुर आईजी (Inspector General) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खेरोदा थानाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की.

अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई पर भड़के वकील
बार एसोसिएशन का आरोप है कि खेरोदा थाने में दर्ज एक एफआईआर (FIR) के मामले में पुलिस ने स्थानीय अधिवक्ता गजेंद्र सिंह राणावत के संबंध में दुर्भावनापूर्ण और अनुचित कार्रवाई की है, जिससे पूरे अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश है. वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिरीक्षक से मुलाकात कर बताया कि इस मामले को लेकर पहले भी संबंधित थानाधिकारी से कई बार संपर्क और शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की.
आईजी ने दिया निष्पक्ष जांच और एफआईआर का आश्वासन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने आईजी से वार्ता के बाद बताया कि पुलिस महानिरीक्षक ने वकीलों की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना है. आईजी ने खेरोदा थाने से संबंधित मामले की मूल फाइल को तलब कर उसका विस्तृत अध्ययन करने का भरोसा दिया है. साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक एफआईआर दर्ज की जाएगी और जांच में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी.
थानों में दुर्व्यवहार और कोर्ट मुंशी पर भी शिकायत
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने एक अन्य मामले में न्यायालय से जुड़े एक कोर्ट मुंशी के अनुचित आचरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. इसके साथ ही आईजी को अवगत कराया गया कि जिले के कई थानों में पुलिसकर्मियों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है. इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अधिवक्ताओं की सभी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने का आश्वासन दिया.

