डूंगरपुर देश में हाल ही में हुए नीट (NEET), यूजीसी (UGC) और सीबीएसई पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में डूंगरपुर जिले में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार आक्रोश रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में जबरन घुसने के प्रयास पर पुलिस के साथ तीखी धक्का-मुक्की भी हुई.

SBP कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक निकला हुजूम
हाथों में एसएफआई के झंडे और नारे लिखी तख्तियां थामे सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतरे. यह आक्रोश रैली श्री भोगीलाल पांड्या (SBP) राजकीय कॉलेज से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंची. रैली के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई का जताया कड़ा विरोध
कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाई गई. रैली का नेतृत्व कर रहे SFI के राजस्थान राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन बरंडा ने मीडिया से बातचीत में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए जबरन हटा दिया, जो लोकतंत्र के लिए निंदनीय है.
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, NTA को रद्द करने की मांग
प्रदर्शन के अंत में SFI के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे, विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने और भविष्य में सभी प्रतियोगी व पात्रता परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा प्रणाली में कड़े सुधार की मांग की गई.

