राजस्थान में सुरक्षित परिवहन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उदयपुर प्रशासन सख्त मोड में आ गया है. माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के तत्वावधान में और जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष DLSA) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के तहत उदयपुर में अनधिकृत और अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है.
इसी क्रम में 5 अगस्त को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बालीचा चौराहे पर अचानक औचक निरीक्षण किया.
3 बसें सीज, 5 चालान के जरिए 75 हजार की पेनल्टी

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन कर चल रही तथा बनावट में अनधिकृत बदलाव (Structural Modification) करने वाली लक्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई.
- कुल निरीक्षण: जांच टीम ने मौके पर 10 बसों की गहन जांच की.
- चालान व जुर्माना: 5 बसों के नियम उल्लंघन पर चालान काटे गए और करीब ₹75,000 का जुर्माना लगाया गया.
- सीज की कार्रवाई: गंभीर अनियमितताएं और अवैध मॉडिफिकेशन पाए जाने पर 3 लक्जरी स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया.
मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी
इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान अपर जिला न्यायाधीश व सचिव DLSA राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मुकेश डाड तथा परिवहन निरीक्षक राजेंद्र दन्तसुलिया व तेजपाल सहित पुलिस-प्रशासनिक अमला मौजूद रहा.
यात्रियों की सुरक्षा ही मुख्य उद्देश्य
हाल ही में फलोदी, कोटपूतली और दौसा में घटित दर्दनाक सड़क हादसों के दृष्टिगत, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप यात्रियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बसों में अनधिकृत बदलाव हादसों को न्योता देते हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

