डूंगरपुर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान स्कूल वाहनों में नियमों की गंभीर अनदेखी और भारी लापरवाही उजागर हुई है. बुधवार सुबह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), पुलिस और जिला परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर की सड़कों पर स्कूल बसों, जीपों और ऑटो की औचक जांच की. इस दौरान कई वाहनों में सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ती पाई गईं.

एक्सपायर परमिट वाली जीप में ओवरलोड बच्चे, बसों में नहीं मिले इमरजेंसी गेट
कार्रवाई के दौरान एक स्कूल जीप का परमिट एक्सपायर पाया गया, जिसके बावजूद उसमें क्षमता से अधिक मासूम बच्चों को ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा था. वहीं कई स्कूल बसों में नियमानुसार इमरजेंसी गेट ही मौजूद नहीं थे. जिन बसों में आपातकालीन दरवाजे बने हुए थे, वे भी बेहद खराब स्थिति में थे और खुलने योग्य नहीं थे.
तीन सवारी क्षमता वाले ऑटो में बैठाए 11 बच्चे

जांच में सबसे भयावह स्थिति एक ऑटो में देखने को मिली. मात्र तीन सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में 11 बच्चों को ठूंसकर बैठाया गया था. चालक अपनी सीट के आसपास भी बच्चों को बैठाकर वाहन चला रहा था, जो कि बेहद जोखिमभरा था. टीम ने तुरंत वाहन को रुकवाकर सख्त कदम उठाया.
98,200 रुपये का जुर्माना, 8 वाहन जब्त
जिला परिवहन अधिकारी (DTO) मनीष माथुर ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले 18 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि ओवरलोडिंग और बिना परमिट पाए गए 8 ऑटो और जीपों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया. इस पूरी कार्रवाई के तहत कुल 98 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया. जांच टीम में DLSA सचिव किरण कुमार चौहान, DTO मनीष माथुर, परिवहन निरीक्षक अभिषेक कुमार और ट्रैफिक पुलिस टीम शामिल रही.

