उदयपुर के महाराणा भूपाल (एमबी) चिकित्सालय के कार्डियक सर्जनों ने बीती रात एक बेहद जटिल ऑपरेशन कर डूंगरपुर के छात्र विकास ननोमा (14) को नया जीवन दिया है। चार घंटे तक चले इस मैराथन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने छात्र के सीने और दिल में गहराई तक घुसे तीर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया.
तीरंदाजी अभ्यास के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्र तीरंदाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे. इसी दौरान कक्षा 8वीं का छात्र विकास अचानक अभ्यास क्षेत्र के बीच में आ गया और एक तीर उसके सीने के आर-पार हो गया. प्राथमिक इलाज के बाद छात्र को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया.
‘कार्डियक टैम्पोनैड’ की जानलेवा स्थिति से बचाया
एमबी अस्पताल की आपातकालीन इकाई में रात में ही सीटी स्कैन कर छात्र को सीधे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया. कार्डियक सर्जन डॉ. विनय नैथानी ने बताया कि तीर छाती की हड्डी (स्टर्नम) को चीरते हुए दिल के दाहिने वेंट्रिकल में फंस गया था. इससे दिल के चारों ओर भारी मात्रा में खून जमा हो गया था और ‘कार्डियक टैम्पोनैड’ जैसी अत्यंत गंभीर स्थिति बन गई थी, जिससे दिल की पंपिंग रुकने का खतरा पैदा हो गया था.
4 यूनिट खून चढ़ा, अब खतरे से बाहर
डॉक्टरों की टीम ने रात में ही दाहिनी तरफ थोराकोटॉमी कर पेरिकार्डियम खोला और दिल से बहते खून को रोककर तीर के सिरे को बेहद सावधानी से बाहर निकाला. सर्जरी के दौरान छात्र को 4 यूनिट खून चढ़ाया गया
इस सफल ऑपरेशन में डॉ. विनय नैथानी के साथ डॉ. नरेश, डॉ. जसवंत, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. संदीप शर्मा व डॉ. अंजुरी गोयल और नर्सिंग स्टाफ दुर्गा मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन और अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन लगातार निगरानी बनाए हुए थे. फिलहाल छात्र पूरी तरह स्थिर है और रिकवर कर रहा है.

