उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन द्वारा हाल ही में दिए गए एक विवादित बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गर्माहट बढ़ गई है. विधायक द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान आयड़ और खांजीपीर क्षेत्र को “मिनी पाकिस्तान” बताए जाने पर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है. इस बयान के विरोध में खांजीपीर के गणमान्य लोगों और निवासियों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर विधायक के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खांजीपीर के सदर (क्षेत्र के मुखिया) ने विधायक के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी से खांजीपीर के प्रत्येक नागरिक के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंची है.
सदर ने क्षेत्र के देशभक्ति से भरे इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि खांजीपीर की पावन धरा से कई ऐसे वीर योद्धा और फौजी निकले हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं. भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भी यहां के जांबाज जवानों ने मोर्चे पर खड़े होकर देश के लिए जंग लड़ी है. इसके अलावा, आज भी इस क्षेत्र के विद्वान और पेशेवर देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहे हैं.
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूरे इलाके को “मिनी पाकिस्तान” कहना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश के शहीदों और देशभक्तों के बलिदान का सीधा अपमान है.
इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए खांजीपीर के निवासियों ने विधायक ताराचंद जैन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. साथ ही, महामहिम राज्यपाल से गुहार लगाई है कि समाज में विद्वेष फैलाने और जनभावनाओं को आहत करने के आरोप में विधायक का तुरंत इस्तीफा लिया जाए.

