बांसवाड़ा: राजस्थान के शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की गड़बड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. बांसवाड़ा जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत 18 शारीरिक शिक्षकों (PTI) की नियुक्तियों को ‘डिग्री मिसमैच’ पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक/माध्यमिक) जयदीप पुरोहित द्वारा जारी इस आदेश के बाद विभाग में खलबली मच गई है.
PTI भर्ती 2022 से जुड़ा है मामला
यह पूरा प्रकरण पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 से संबंधित है. जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई थी. इस स्क्रूटनी के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिले के 18 शिक्षकों ने आवेदन के समय जो शैक्षणिक डिग्रियां दिखाई थीं, वे बाद में विभाग को सौंपे गए दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही थीं.
चयन बोर्ड की सुनवाई में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब
चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता सिद्ध करने और पक्ष रखने का पूरा मौका दिया था. बोर्ड द्वारा आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में ये अभ्यर्थी न तो कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दे पाए और न ही सही दस्तावेज पेश कर सके. इसके बाद बोर्ड ने इनकी पात्रता को अवैध मानते हुए शिक्षा निदेशालय को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए.
इन क्षेत्रों के शिक्षक हुए बर्खास्त
बर्खास्त किए गए ये पीटीआई जिले के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे थे. विभाग के अनुसार, मुख्य रूप से सज्जनगढ़, गांगड़तलाई, बागीदौरा और आनंदपुरी ब्लॉक के स्कूलों में तैनात शिक्षकों पर यह गाज गिरी है. निदेशालय से सूची प्राप्त होने के मात्र दो दिनों के भीतर सभी संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल्स को बुलाकर इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश थमा दिए गए हैं.
संदिग्ध दस्तावेजों की जांच जारी रहेगी
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग पारदर्शिता को लेकर गंभीर है. इस कार्रवाई के बाद हाल ही में नियुक्त हुए अन्य शिक्षकों में भी हड़कंप का माहौल है. चर्चा है कि विभाग आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध दस्तावेजों और डिग्रियों की भी बारीकी से जांच कर सकता है ताकि अपात्र लोग सेवा में न बने रहें.

