बांसवाड़ा जिले में भीषण गर्मी की आहट के साथ ही आमजन और पशुधन को पानी की किल्लत से बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. रविवार के अवकाश के बावजूद जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव के नेतृत्व में पूरे जिले में एक विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने फील्ड में उतरकर ग्राम पंचायतों का सघन निरीक्षण किया और पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
कलेक्टर ने किया बड़वी और चाचा कोटा का दौरा
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने रविवार सुबह से ही बांसवाड़ा पंचायत समिति के बड़वी, लक्ष्मण झरी, उपला घंटाला और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चाचा कोटा जैसे दुर्गम क्षेत्रों का दौरा किया. कलेक्टर ने धरातल पर जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनसे जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकाल में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
मैदानी जंग: SDM और BDO ने संभाला मोर्चा
कलेक्टर के निर्देशों पर जिले की सभी पंचायत समितियों में उपखंड अधिकारी (SDM), विकास अधिकारी (BDO), तहसीलदार और PHED के अभियंताओं ने मोर्चा संभाला. अभियान के तहत प्रत्येक ब्लॉक में अधिकारियों ने कम से कम 2-2 ग्राम पंचायतों का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जहां भी हैंडपंप खराब मिले, उन्हें 24 घंटे के भीतर दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए. साथ ही, गांवों में मवेशियों के लिए बनी ‘खेलियों’ में नियमित पानी भरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जल जीवन मिशन (JJM) के तहत हर घर नल कनेक्शन को प्रभावी रखने और जहां तकनीकी कारणों से पाइपलाइन का काम अधूरा है, वहां तुरंत टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. पीएचईडी विभाग को नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए पाबंद किया गया है.

