बांसवाड़ा जिले में पुलिस अभिरक्षा से फरार होकर खाकी को चुनौती देने वाले शातिर आरोपी राकेश उर्फ गुलिया को पकड़ने में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. पिछले 4 दिनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर भाग रहे इस आरोपी को दानपुर थाना पुलिस ने रायपुर के घने जंगलों में घेराबंदी कर दबोच लिया. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है.
क्या था मामला?
पूरा घटनाक्रम 30 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब दानपुर थाना पुलिस ने 21 वर्षीय आरोपी राकेश उर्फ गुलिया (निवासी गढ़ बारी पाड़ा) को एक पुराने वारंट के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. नियमानुसार पुलिस टीम उसे कोर्ट में पेश करने के लिए ले गई थी, लेकिन मौका मिलते ही आरोपी पुलिसकर्मी का हाथ झटक कर कोर्ट परिसर की भीड़ का फायदा उठाते हुए फरार हो गया. इस दुस्साहसिक घटना के बाद कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई.
दो राज्यों में दी दबिश, जंगलों में खाक छानी
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया. पुलिस के लिए यह साख का सवाल बन गया था, इसलिए दानपुर, अंबापुरा और बांसवाड़ा शहर के चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली गई. पुलिस टीमों ने राजस्थान के पड़ोसी जिलों जैसे प्रतापगढ़ के सालमगढ़, घंटाली और पीपलखूंट में दबिश दी. इतना ही नहीं, आरोपी के मध्य प्रदेश भागने की आशंका के चलते रतलाम और उसके सीमावर्ती इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया.
घेराबंदी कर दबोचा
लगातार 4 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी राकेश रायपुर के जंगलों में छिपा हुआ है. सूचना पर दानपुर थाना पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जंगलों की घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही आरोपी ने फिर भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया. 4 मई को हुई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुनः न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.

