बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर के पास माही नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के दूसरे दिन भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हादसे के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद नदी में डूबे 8 वर्षीय मासूम और 21 वर्षीय युवक का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. बुधवार सुबह से ही उदयपुर से पहुंची SDRF और स्थानीय सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
कल अंधेरे के कारण रोकना पड़ा था रेस्क्यू
गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर को यह हादसा हुआ था, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और नागरिक सुरक्षा की टीम ने देर शाम तक तलाश अभियान चलाया. हालांकि, पानी की गहराई और शाम को अंधेरा हो जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था. आज तड़के 6 बजे से ही टीमें फिर से नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही हैं, लेकिन नदी का बहाव और गहराई चुनौती बनी हुई है.
लापरवाही: नाविक मौके से हुआ फरार
हादसे के वक्त नाव में क्षमता से अधिक करीब 11 लोग सवार थे. जैसे ही नाव बीच धारा में अनियंत्रित होकर पलटी, मौके पर चीख-पुकार मच गई. नाव में मौजूद 9 लोग किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए. चौंकाने वाली बात यह है कि नाव चलाने वाला नाविक भी सुरक्षित बाहर निकल गया, लेकिन वह घायलों की मदद करने या पुलिस को सूचना देने के बजाय मौके से फरार हो गया. पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है.
इनकी चल रही है तलाश
हादसे में लापता हुए दोनों लोग भानो का पाड़ा क्षेत्र से जुड़े हैं:
- मानव पुत्र नाथू (8 वर्ष): यह मासूम मोटागांव थाना क्षेत्र के चंदूजी का गढ़ा का रहने वाला था. वह भानो का पाड़ा में अपने मामा लालशंकर के घर आया हुआ था और मामा के साथ ही संगमेश्वर महादेव के दर्शन करने गया था.
- जयेश पुत्र कचरा तीरगर (21 वर्ष): निवासी भानो का पाड़ा.
प्रशासनिक अधिकारियों ने डाला डेरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. उदयपुर से आई SDRF की टीम मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के जरिए सर्च ऑपरेशन चला रही है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा है.

