बांसवाड़ा मोबाइल फोन आज के दौर में केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि व्यक्ति की निजी यादों और जरूरी दस्तावेजों का खजाना है. जब यह खो जाता है, तो व्यक्ति को गहरी निराशा होती है. लेकिन बांसवाड़ा पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत देशभर से 107 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं.

20 लाख के मोबाइल बरामद किए गए
शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने पुलिस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया. बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है. महीनों बाद अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर कई लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया.
साइबर सेल और तकनीकी टीम की बड़ी सफलता
एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में जिला साइबर सेल (Technical Cell) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही. CEIR पोर्टल के प्रभावी उपयोग से पुलिस अब तक कुल 1261 मोबाइल बरामद कर चुकी है. पुलिस की टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग की मदद से इन फोनों को गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से रिकवर किया है.
मोबाइल गुम होने पर क्या करें? पुलिस की सलाह
पुलिस ने आमजन की जागरूकता के लिए कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स भी जारी की हैं:
- सिम ब्लॉक कराएं: फोन गुम होते ही सबसे पहले अपना सिम बंद कराएं.
- CEIR पोर्टल: सरकार के आधिकारिक पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर जाकर फोन को ब्लॉक और रिपोर्ट करें.
- आवश्यक दस्तावेज: शिकायत के समय मोबाइल का बिल और पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) जरूर साथ रखें.
साइबर हेल्पलाइन: 1930
पुलिस अधीक्षक ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. त्वरित सूचना मिलने पर ठगी गई राशि को फ्रीज (Freeze) करने की संभावना बढ़ जाती है.

