राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रविवार को बांसवाड़ा दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (GGTU) में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ का विधिवत शुभारंभ किया. विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति केशव ठाकुर ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया. कार्यक्रम में गढ़ी विधायक कैलाश मीणा, पूर्व कुलपति कैलाश सोडाणी सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
‘हमने विश्व को खोजा है, हमें किसी ने नहीं खोजा’
मंच से संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने इतिहास के पाठ्यक्रम और भारतीय विचारधारा पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं कि भारत की खोज वास्कोडिगामा ने की. यह हमारी जड़ों से काटने की कोशिश थी. सनातन संस्कृति हजारों साल पुरानी है, उसे कोई और क्या खोजेगा? असल में हमने विश्व को खोजा है, हमें किसी ने नहीं खोजा.”
‘अकबर’ नहीं, ‘प्रताप महान’ का पाठ पढ़ाया
अपने पुराने कार्यकाल को याद करते हुए देवनानी ने कहा कि पाठ्यक्रम में आक्रांताओं को महान बताना हमेशा पीड़ा देता था. उन्होंने कहा, “जब मैं शिक्षा मंत्री बना, तो मैंने सबसे पहले पाठ्यक्रम में बदलाव किया. ‘अकबर महान’ को हटाकर हमारे शौर्य के प्रतीक ‘प्रताप महान’ का पाठ शामिल करवाया.”
बांसवाड़ा के विकास की सराहना और त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन
मीडिया से बातचीत में देवनानी ने 1970 के दशक से लेकर अब तक बांसवाड़ा में हुए बदलावों की सराहना की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र का चौतरफा विकास हो रहा है. कार्यक्रम के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए रवाना हुए. उनके इस वीआईपी दौरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.

