डूंगरपुर बिछीवाड़ा थाने के बाहर पुलिसिया कार्यशैली के खिलाफ डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा का धरना मंगलवार को दूसरे दिन ‘महापड़ाव’ में तब्दील हो गया. आंदोलन के बीच उस समय हड़कंप मच गया जब कड़ाके की ठंड और मानसिक तनाव के कारण धरना स्थल पर मौजूद पीड़ित युवक महेंद्र परमार और उसके पिता जीवतराम परमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई.
सांस लेने में तकलीफ, अस्पताल में भर्ती
मंगलवार दोपहर धरना स्थल पर मौजूद महेंद्र और उसके पिता जीवतराम ने सीने में दर्द और सांस लेने में गंभीर तकलीफ की शिकायत की. मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई. प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें पहले बिछीवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया. वर्तमान में दोनों का उपचार जारी है, लेकिन उनकी स्थिति ने प्रदर्शनकारियों के बीच आक्रोश को और हवा दे दी है.
पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला:
विधायक गणेश घोघरा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ अभी भी थाने के बाहर डटे हुए हैं. उन्होंने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्यवाही करने के बजाय ‘आरएसएस के एजेंट’ की तरह काम कर रही है. विधायक ने कहा कि आदिवासियों के साथ हो रही इस तानाशाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह सत्ता के दबाव में बताया.
एसपी के आने तक नहीं हटेंगे
विधायक घोघरा ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- जब तक जिला पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर आकर वार्ता नहीं करते, धरना समाप्त नहीं होगा.
- मारपीट के दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए.
- पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आंदोलन स्थल पर बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बिछीवाड़ा थाने के आसपास भारी पुलिस जाप्ता तैनात है. जिले के आला अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो पूरे जिले में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

