डूंगरपुर वागड़ अंचल में बढ़ते पारे और आगामी गर्मियों के मौसम को देखते हुए जलदाय विभाग (PHED) अलर्ट मोड पर आ गया है. जिले के 975 गांवों में पेयजल संकट न गहराए, इसके लिए विभाग ने एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है. अधीक्षण अभियंता (SE) गोपीचंद वर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले के दूरदराज क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
700 से अधिक गांव हैंडपंपों पर निर्भर, मरम्मत का काम शुरू
सर्वे के अनुसार, डूंगरपुर जिले के लगभग 728 गांव पूरी तरह से हैंडपंपों पर आधारित हैं. गर्मी के दौरान भूजल स्तर (Water Level) नीचे जाने से अक्सर हैंडपंप जवाब दे जाते हैं. इसे देखते हुए पूरे जिले में सर्वे करवाया गया है. जिन गांवों में हैंडपंप खराब पाए गए हैं या पाइप बढ़ाने की आवश्यकता है, वहां युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
करोड़ों का बजट स्वीकृत, टेंडर प्रक्रिया पूर्ण
पेयजल संकट से निपटने और सुचारू आपूर्ति के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने बजट की उपलब्धता सुनिश्चित की है:
- ग्रामीण क्षेत्र: राज्य सरकार की ओर से 1.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
- शहरी क्षेत्र: शहर की जलापूर्ति व्यवस्था के लिए 46 लाख रुपये का प्रावधान है.
- कंटीन्जेंसी फंड: जिला कलेक्टर की ओर से आपातकालीन कार्यों (Contingency Work) के लिए 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है.
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इन सभी कार्यों के लिए टेंडर और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिससे धरातल पर काम में तेजी आएगी.
शिकायत के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय
आम जनता को पानी की समस्या से तुरंत निजात दिलाने के लिए विभाग ने जिला स्तर पर एक विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय किया है. यदि किसी क्षेत्र में पानी की किल्लत होती है या हैंडपंप खराब होता है, तो ग्रामीण सीधे कंट्रोल रूम में सूचना दे सकते हैं. विभाग का लक्ष्य है कि सूचना मिलते ही कम से कम समय में समस्या का समाधान किया जाए.

