डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के साबेला बायपास के पास शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहाँ असारवा-उदयपुर ट्रेन की चपेट में आने से एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक के घर में कुछ ही समय पहले सरकारी नौकरी की बड़ी खुशियां आईं थीं, जो इस अचानक हुए हादसे के बाद पल भर में गहरे मातम में बदल गईं.

नौकरी की बधाई के बीच पसरा सन्नाटा
मामले के अनुसार, डूंगरपुर के राजपुर निवासी 55 वर्षीय गौतमलाल साद के बेटे जिम्मी साद का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर सरकारी चयन हुआ था. शनिवार को ही शहर के विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में आयोजित ‘मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव’ कार्यक्रम में जिम्मी को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) सौंपा गया था. बेटा सरकारी सेवा में चयनित हुआ था, जिससे पूरे परिवार और रिश्तेदारों में जश्न का माहौल था. हर कोई एक-दूसरे को बधाई दे रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
नियुक्ति पत्र मिलने के कुछ ही देर बाद एक बेहद दुखद हादसा घटित हो गया. गौतमलाल साद अपने फ़ार्म (खेत) से घर जाने के लिए साबेला बायपास के पास से गुजर रहे थे. इसी दौरान रेलवे ट्रैक क्रॉस करते समय वह अचानक असारवा-उदयपुर ट्रेन की चपेट में आ गए. ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण गौतमलाल को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. जिस घर में कुछ ही देर पहले तक बेटे की कामयाबी की बधाइयां गूंज रही थीं, वहां पिता की मौत की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई.
पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल में कराया पोस्टमार्टम
हादसे की भयावह सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से जायजा लेकर स्थानीय लोगों की मदद से शव को अपने कब्जे में लिया. इसके बाद मृतक के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाया और मामले की जांच शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा.

