डूंगरपुर: शहर में नगर परिषद ने बकाया राजस्व वसूली को लेकर अपने तेवर सख्त कर लिए हैं. लंबे समय से दुकान का किराया जमा नहीं कराने वाले डिफाल्टर किरायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए परिषद की टीम ने जिम के बाहर स्थित पांच दुकानों को सील (Seize) कर दिया है. परिषद की इस अचानक कार्रवाई से व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है.
इन दुकानों पर जड़ा गया ताला
नगर परिषद के अनुसार, यह कार्रवाई उन दुकानदारों पर की गई है जिन्हें बार-बार सूचना देने के बाद भी उन्होंने बकाया राशि जमा नहीं कराई थी. सील की गई दुकानों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- दुकान नंबर 1: अनिल, दीपक पिता भजनलाल
- दुकान नंबर 7: अनिल कुमार पिता भजनलाल
- दुकान नंबर 8: लालशंकर पिता देवचंद भोई
- दुकान नंबर 9: अनिल पारिक पिता ईश्वरलाल
- दुकान नंबर 10: कमला पत्नी लक्ष्मीलाल
नोटिस के बाद भी नहीं चेते किरायेदार
नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित किरायेदारों को बकाया किराया जमा कराने के लिए पहले कई बार फोन के माध्यम से सूचित किया गया था. जब मौखिक सूचना का असर नहीं हुआ, तो उन्हें विधिवत नोटिस भी जारी किए गए. नोटिस की अवधि बीत जाने के बावजूद जब भुगतान नहीं हुआ, तो परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों को सीज करने की कार्रवाई को अंजाम दिया.
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
परिषद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा. परिषद ने अन्य सभी किरायेदारों से भी अपील की है कि वे अपना बकाया किराया समय पर जमा कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि राजस्व वसूली में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

