राजस्थान के उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक महिला अपने लापता पति को खोजने की मांग को लेकर निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई. महिला ने आत्मघाती कदम उठाने की धमकी देते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. करीब 6 घंटे तक चले इस ‘हाई-वोल्टेज ड्रामे’ के बाद, प्रशासन द्वारा मामले में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के आश्वासन पर महिला सुरक्षित नीचे उतरी.
क्या है पूरा मामला?
कुंडाऊ गांव की रहने वाली कमला बाई (27) के पति तुलसीराम गमेती (29) पिछले 15 फरवरी से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं. परिजनों का आरोप है कि तुलसीराम को उसी दिन शाम को वेणी सिंह नामक व्यक्ति सीमेंट खाली कराने के बहाने साथ ले गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा. गोगुंदा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के 43 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहने से क्षुब्ध होकर कमला सुबह करीब 7:30 बजे गांव की टंकी पर चढ़ गई.
प्रशासनिक अमले के फूले हाथ-पांव
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी अंजना सुखवाल, गोगुंदा एसडीएम शुभम भैसारे, और प्रशिक्षु आईपीएस असीमा वाधवानी सहित भारी पुलिस जाब्ता और SDRF की टीम मौके पर पहुंची. नीचे सैकड़ों ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों का हुजूम जमा हो गया, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जता रहे थे. महिला का कहना था कि जब तक उसके पति के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिलती, वह नीचे नहीं उतरेगी.
SIT और इनाम की घोषणा
प्रशासन ने महिला और समाज के पंचों के साथ लंबी वार्ता की. दबाव बढ़ता देख पुलिस ने मामले की गहराई से जांच के लिए SIT (Special Investigation Team) बनाने का निर्णय लिया. साथ ही, लापता तुलसीराम का सुराग देने वाले को 1 लाख रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की गई है.
तुलसीराम अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है और उसके तीन छोटे बच्चे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे परिवार की स्थिति दयनीय हो गई है. फिलहाल, महिला को सुरक्षित उतार लिया गया है और पुलिस नए सिरे से जांच में जुट गई है.

