डूंगरपुर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत पंचायत समिति साबला की ग्राम पंचायत पचलासा छोटा में जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष ‘जल रात्रि चौपाल’ का आयोजन किया गया. राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस चौपाल में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा के मुख्य आतिथ्य एवं जिला कलेक्टर देशलदान की अध्यक्षता में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया. कार्यक्रम के दौरान पानी की एक-एक बूंद को सहेजने, जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
जल संरक्षण के महत्व पर दिया जोर, प्रतिभावान छात्र सम्मानित

जल रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर देशलदान और पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने ग्रामीणों को जल के बढ़ते संकट और उसके महत्व से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी के लिए तालाबों की सफाई, पारंपरिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और वर्षा जल संचयन बेहद जरूरी है. इस मुकद्दस मौके पर उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत पानी बचाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई. इसके साथ ही गांव के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर प्रोत्साहित व सम्मानित किया गया.
कलेक्टर ने सुनीं परिवेदनाएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
रात्रि चौपाल के दौरान पचलासा छोटा और आसपास के ग्रामीणों ने अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष परिवेदनाएं पेश कीं. ग्रामीणों ने मुख्य रूप से सिंचाई के लिए नहरों की मरम्मत करवाने, सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, नई पक्की सड़कों के निर्माण और ग्राम पंचायत पचलासा छोटा के लिए नए बाईपास सड़क मार्ग की मांग रखी. जिला कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों से इन समस्याओं को लेकर तथ्यात्मक जानकारी ली और जनहित से जुड़े इन मुद्दों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए.
चौपाल में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण रात्रि चौपाल में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा, जिला कलेक्टर देशलदान के साथ कार्यवाहक जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हनुमान सिंह राठौड़, टीएडी उपायुक्त डॉ. सत्य प्रकाश कसवा, पुलिस उपाधीक्षक आसपुर, साबला उपखंड अधिकारी (SDM) श्रीमती अभिलाषा, विकास अधिकारी (BDO) वालसिंह राणा और ग्राम पंचायत प्रशासक मौजूद रहे. इनके अलावा समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व ग्रामीण उपस्थित रहे.

