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डूंगरपुर: सरकारी स्कूल में शराब पार्टी कर सोशल मीडिया पर वीडियो डालना पड़ा भारी, वरदा पुलिस ने 4 युवकों को दबोचा

डूंगरपुर जिले के वरदा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां ज्ञान के मंदिर (सरकारी स्कूल) को मयखाना बनाने वाले चार हुड़दंगी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी युवक न सिर्फ राजकीय विद्यालय परिसर में बैठकर सरेआम शराब पार्टी करते थे, बल्कि समाज में रौब जमाने के लिए इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी करते थे. आमजन की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए यह कार्रवाई की है.

स्कूल परिसर में मचाते थे उत्पात, ग्रामीण थे परेशान

वरदा थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान खान ने बताया कि घटना हिराता गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (सीनियर स्कूल) परिसर से जुड़ी है. आंतरी चौकी प्रभारी संतोष कुमार के अनुसार, क्षेत्र के कुछ असामाजिक तत्व पिछले लंबे समय से स्कूल समय के बाद परिसर के भीतर अवैध रूप से प्रवेश कर जाते थे. वहां बैठकर वे शराब पीते थे, तेज आवाज में हुड़दंग मचाते थे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते थे.

रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

इन युवकों की बदमाशी यहीं नहीं रुकी; वे स्कूल में शराब पीने और उत्पात मचाने के बाकायदा वीडियो (रील्स) तैयार करते थे और उन्हें धड़ल्ले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करते थे. इन वायरल वीडियो के कारण हिराता गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय, असुरक्षा और अशांति का माहौल बन रहा था. पवित्र शैक्षणिक संस्थान की गरिमा तार-तार होते देख ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की.

पुलिस ने की घेराबंदी, 4 आरोपी हुए गिरफ्तार

बुधवार शाम को पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि हिराता सीनियर स्कूल के पास वही युवक एक बार फिर शराब पार्टी करने और शांति भंग करने की नीयत से जमा हुए हैं. सूचना पर थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए स्कूल परिसर की घेराबंदी की और मौके से हंगामा कर रहे चारों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तिलक रोत, सुनील रोत, निलेश रोत और दिनेश रोत (सभी निवासी हिराता) के रूप में हुई है. पुलिस ने चारों के खिलाफ शांति भंग और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. वरदा पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले और शैक्षणिक संस्थानों में असामाजिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ यह कड़ा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

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