डूंगरपुर शहर के प्रतिष्ठित श्री भोगीलाल पंड्या (SBP) राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इन दिनों चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. छात्र संगठन एसएफआई (SFI) ने कॉलेज परिसर में हो रहे निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए गहरा आक्रोश जताया है. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो वे कॉलेज प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे.
छात्रों के भविष्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप
SFI के जिला अध्यक्ष जितेश वरहात ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के बाद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कॉलेज के इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार बरता जा रहा है. निर्माण की नींव में खड़े और कमजोर पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, मसाले में सीमेंट की मात्रा नाममात्र की रखकर केवल रेती (मिट्टी-मिश्रित रेत) का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है. वरहात ने कहा कि यह सीधे तौर पर छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला है. आज अगर घटिया निर्माण हुआ, तो आने वाले समय में यह भावी पीढ़ी के लिए बड़े खतरे का सबब बन सकता है.
प्रिंसिपल ने दी सफाई, कहा- कमेटी रख रही है नजर
दूसरी ओर, छात्र संगठन के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसबीपी कॉलेज के प्रिंसिपल गणेश लाल निनामा ने अपनी सफाई पेश की है. प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि निर्माण कार्य के लिए जो पत्थर साइट पर लाया गया था, उसकी गुणवत्ता सही नहीं थी. उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही संबंधित ठेकेदार को सख्त हिदायत देकर पाबंद कर दिया गया है कि वह केवल गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही उपयोग करे. प्रिंसिपल के अनुसार, कॉलेज की आंतरिक निर्माण कमेटी भी अब कार्य पर लगातार और बारीकी से नज़र रख रही है ताकि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो.

