डूंगरपुर जिले के साबला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तालोरा वन क्षेत्र की पहाड़ियों में बीती रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने सूखे पत्तों और तेज हवाओं के कारण देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. इस भयावह अग्निकांड में करीब 4 किलोमीटर के दायरे में फैली वन संपदा जलकर राख हो गई है.
पहाड़ियों पर धधकती रही आग की लपटें
जानकारी के अनुसार, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात तालोरा के जंगल से आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं. पहाड़ी इलाका और सूखे पत्तों की बहुतायत होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई. आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं, जिससे आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा हो गया.
दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही सागवाड़ा नगरपालिका की दमकल टीम फायरमैन निलेश पाटीदार के नेतृत्व में तत्काल मौके पर पहुंची. दुर्गम रास्ता और रात के अंधेरे के बावजूद दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया. करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में सफल रही. इस दौरान मौके पर तहसीलदार साबला, साबला पुलिस का जाब्ता, क्षेत्रीय पटवारी और वन विभाग की टीम भी मुस्तैद रही.
वन्यजीवों और प्रकृति को भारी नुकसान
इस अग्निकांड ने क्षेत्र की पारिस्थितिकी को गहरी चोट पहुंचाई है. 4 किमी के दायरे में फैली प्राकृतिक वनस्पतियां पूरी तरह स्वाहा हो गई हैं. ग्रामीणों के अनुसार, आग की चपेट में आने से कई छोटे वन्यजीवों और परिंदों के घोंसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है. हालांकि, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन वन विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने और कारणों की जांच में जुट गई है.

