डूंगरपुर जिला कलेक्टर देशलदान ने सोमवार को जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली. बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर स्वयं फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करने और कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आदेश दिए.

बारिश से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य
कलेक्टर देशलदान ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और बजट घोषणा के तहत प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स को मानसून शुरू होने से पहले निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाए. उन्होंने पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग को निर्देश दिए कि बारिश के दौरान आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें.
पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
गर्मी के मौसम को देखते हुए पीएचईडी (PHED) विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक करवाने और ‘समर कंटीजेंसी’ योजना के कार्यों को समय पर पूरा करने को कहा. वहीं, चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पहले से ही पुख्ता तैयारी रखने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
जनसुनवाई और ई-गवर्नेंस पर सख्ती
कलेक्टर ने रसद विभाग को एलपीजी गैस वितरण में आ रही उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और डीलरों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए. साथ ही, उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों, ई-फाइल और ई-डाक की पेंडेंसी को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए इनका नियमित निस्तारण करने के आदेश दिए. शिक्षा विभाग को मिड-डे मील का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया.

