उदयपुर जिले के खेरवाड़ा कस्बे में मंगलवार शाम एक कबाड़ के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि दूर-दूर से आसमान में धुएं का गुबार और आग का तांडव दिखाई दे रहा था. इस हादसे में गोदाम में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया. एक बार फिर इस घटना ने खेरवाड़ा में स्थानीय फायर ब्रिगेड की कमी के दर्द को हरा कर दिया है.
देरी से पहुंची दमकलें, सब कुछ हुआ राख
हादसा कस्बे के हाईवे के पास स्थित एक कबाड़ गोदाम में हुआ. आग लगने की सूचना के बाद भी संसाधनों के अभाव में करीब 4 घंटे तक लपटों पर काबू नहीं पाया जा सका. खेरवाड़ा में खुद की फायर ब्रिगेड न होने के कारण पड़ोसी जिले डूंगरपुर से दमकल मंगवाई गई, जो करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची. एक अकेली दमकल के बार-बार राउंड लगाने के बावजूद आग पर काबू पाना नामुमकिन साबित हुआ. आखिरकार 3 घंटे बाद उदयपुर से दूसरी फायर ब्रिगेड पहुंची, तब जाकर कहीं आग शांत हुई, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था.
लाखों का नुकसान, मशीन भी जलकर हुई ढांचा
गोदाम मालिक अशोक ने बताया कि आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया था. गोदाम के अंदर रखी स्क्रैप करने की कीमती मशीन पूरी तरह जल गई है, अब केवल उसका लोहे का ढांचा शेष बचा है. इसके अलावा अंदर रखा सारा कबाड़ और अन्य सामान स्वाहा हो गया, जिससे लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है.
निजी टैंकरों से की गई मशक्कत
आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने निजी टैंकर मंगवाए और अपने स्तर पर आग बुझाने का जतन किया. एमबीसी (MBC) का टैंकर भी पानी भरकर मौके पर पहुंचा, लेकिन आग इतनी जबरदस्त थी कि ये प्रयास नाकाफी साबित हुए. गनीमत यह रही कि गोदाम के चारों तरफ चारदीवारी बनी हुई थी, जिससे आग पास स्थित दुकानों और मकानों तक नहीं फैली, अन्यथा बड़ी जनहानि या बड़ा हादसा हो सकता था.
कारणों का खुलासा नहीं
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है. कुछ लोग शॉर्ट सर्किट तो कुछ पास ही कचरा जलाने की चिंगारी को वजह बता रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है कि इतने बड़े कस्बे में आज भी एक स्थायी फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध नहीं है.

