राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में रविवार देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है. मौसम के अचानक बदले मिजाज और करीब 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया. सबसे ज्यादा नुकसान जिले के कड़ियावाद क्षेत्र में देखा गया, जहां प्रकृति के तांडव ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया.
50 से अधिक पेड़ गिरे, एक व्यक्ति घायल
रविवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुए इस तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि देखते ही देखते कड़ियावाद और आसपास के इलाकों में 50 से अधिक विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गए. इस दौरान एक व्यक्ति हवा के तेज झोंके की चपेट में आकर दूर जा गिरा, जिससे वह घायल हो गया. गनीमत रही कि उसे मामूली चोटें आई हैं और प्राथमिक उपचार दिया गया है.
लाखों का नुकसान, रास्ते हुए बंद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तूफान से क्षेत्र के कई कच्चे और कवेलू पोश मकानों की छतें उड़ गईं. बोरी, पानमोडी, सेमलोपुर और कड़ियावाद जैसे गांवों में भारी नुकसान की सूचना है. शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा से करीब 20 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान है. सड़कों पर पेड़ गिरने से कई संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिससे आवागमन रुक गया है. प्रशासन को बिजली लाइनों और संचार सेवाओं के क्षतिग्रस्त होने की भी आशंका है.
गर्मी से राहत, पर तबाही का खौफ
एक तरफ जहां इस आंधी और खंड वर्षा ने पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं दूसरी ओर किसानों और ग्रामीणों के लिए यह आफत बनकर आई. जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री से गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है.
प्रशासनिक सतर्कता
मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफानी स्थिति शाम 6 बजे तक बनी रही. फिलहाल, जिला प्रशासन और स्थानीय राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही हैं ताकि हुए नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके और बाधित रास्तों को फिर से खुलवाया जा सके.

