प्रतापगढ़ जिले के स्कूली बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और सही खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए ‘ईट राइट स्कूल’ अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, जयपुर और जिला कलेक्टर शुभम चौधरी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली विकसित करना है.
200 स्कूलों के प्रमाणीकरण का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि जिले के 200 स्कूलों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ‘ईट राइट स्कूल’ के रूप में प्रमाणित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसी कड़ी में हाल ही में जिले के 6 स्कूलों के लगभग 1520 विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया.
यह प्रशिक्षण प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारियों—रामेश्वर मीणा, कुलदीप मीणा, विकास मीणा और कल्पना पटेल की टीम द्वारा प्रदान किया गया.
जंक फूड को ‘ना’ और मिलेट्स को ‘हाँ’
अभियान के नोडल अधिकारी सुनील कुमार पामेचा ने बताया कि बच्चों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक किया गया:
- संतुलित आहार: भोजन में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करना.
- मिलेट्स का महत्व: सेहत सुधारने के लिए भोजन में ‘श्री अन्न’ (बाजरा, ज्वार आदि) को शामिल करने पर जोर.
- स्वच्छता की आदत: खाना खाने से पहले हाथ धोने और व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति सजगता.
- मोटापे पर लगाम: ट्रांस फैट, अत्यधिक नमक और हाई कैलोरी वाले जंक फूड से बचने की सलाह.
खाद्य मिलावट की पहचान और लेबलिंग
प्रशिक्षण की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों को केवल खाने के बारे में ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं से भी अवगत कराया गया. उन्हें पैकेज्ड फूड पर लिखे लेबल पढ़ने, मिस-ब्रांडेड उत्पादों की पहचान करने और घर पर ही खाद्य पदार्थों में मिलावट जांचने के आसान तरीके सिखाए गए.

