प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. जिला पुलिस और प्रशासनिक अमले के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है. अरनोद थाना क्षेत्र के देवल्दी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करों के अवैध साम्राज्य को जमींदोज कर दिया. यहाँ दो बीघा चरागाह (गोचर) भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कर अपराधियों को सख्त संदेश दिया गया है.
जेल में बंद कुख्यात भाइयों के साम्राज्य पर चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान कुख्यात तस्कर जमशेद खान उर्फ जम्मू और उसके भाई याकूब खान द्वारा अवैध रूप से बनाए गए आलीशान फार्म हाउस, पक्की बाउंड्री वॉल और कमरों को दो जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह ढहा दिया गया. अरनोद तहसीलदार नितिन मेरावत ने बताया कि देवल्दी गांव की सरकारी चरागाह भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद पुलिस बल के साथ यह संयुक्त कार्रवाई की गई. दोनों आरोपी भाई फिलहाल मादक पदार्थ तस्करी और कई संगीन मामलों में जेल की सलाखों के पीछे हैं.
एमडी फैक्ट्री भंडाफोड़ से जुड़ा है कनेक्शन
अरनोद पुलिस उप अधीक्षक चंद्रशेखर पालीवाल के अनुसार, करीब छह महीने पहले एसपी बी. आदित्य के निर्देशन में पुलिस ने पीपलखूंट के जंगलों में एक बड़ी एमडी (मैफेड्रोन) ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था.
- इस कार्रवाई में जमशेद खान को मौके से गिरफ्तार किया गया था.
- उसका भाई याकूब खान फरार हो गया था, जिस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया.
रिकॉर्ड में दर्ज हैं कई गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, याकूब खान पर राजस्थान और मध्यप्रदेश में मादक पदार्थ तस्करी के 5 मामले दर्ज हैं. वहीं, जमशेद पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के 3 मामलों सहित कुल 5 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. देवल्दी क्षेत्र लंबे समय से तस्करी की गतिविधियों का केंद्र रहा है, जिससे इस कार्रवाई के बाद से अन्य तस्करों में भी हड़कंप मचा हुआ है.
15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई
प्रतापगढ़ जिले में पिछले 15 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी बुलडोजर कार्रवाई है. एसपी बी. आदित्य के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम को जिले में तस्करी के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है. पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराध की काली कमाई से खड़ा किया गया साम्राज्य अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

