डूंगरपुर गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है. इसी कड़ी में आयोजित एक शिविर में जिला कलेक्टर देशलदान ने स्वयं पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में मुस्तैदी देखने को मिली. इस दौरान कई वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई.
कलेक्टर ने सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और आवेदन लेकर पहुंचे थे. जिला कलेक्टर देशलदान ने खुद काउंटर पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके तत्काल समाधान के निर्देश दिए. कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होना चाहिए. काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
राजस्व और पट्टा वितरण के मामलों पर रहा विशेष फोकस



शिविर के दौरान राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में सबसे बड़ी कामयाबी देखने को मिली. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को वर्षों पुरानी समस्याओं से मुक्ति दिलाई. शिविर की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार रहीं:
- खातेदारी परिवर्तन: गैर-खातेदारी से खातेदारी में परिवर्तन के करीब 70 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया.
- त्रुटि सुधार: राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों में नाम या अन्य त्रुटियों से जुड़े 34 मामलों का समाधान कर रिकॉर्ड दुरुस्त किया गया.
- भूमि बंटवारा: आपसी सहमति से भूमि बंटवारे के 10 मामलों को समझाइश के जरिए सुलझाया गया.
- पट्टा वितरण: ग्रामीणों को उनके आशियाने का हक देते हुए करीब 30 पट्टों का वितरण किया गया.
इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों, दिव्यांगों और एकल नारियों के नए आवेदन भी स्वीकार किए गए, जिससे उन्हें जल्द ही पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. कलेक्टर के इस प्रयास और त्वरित समाधान की ग्रामीणों ने काफी सराहना की है.

