Headlines

सलूंबर: 60 फीट गहरे कुएं में गिरा पैंथर, रेंजर ने जान पर खेलकर किया रेस्क्यू

उदयपुर संभाग के नवगठित सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के धावड़ी गांव में एक पैंथर अचानक 60 फीट गहरे कुएं में गिर गया. कई घंटों की कड़ी मशक्कत और वन विभाग की जांबाजी के बाद पैंथर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस रेस्क्यू ऑपरेशन की खास बात रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत का साहस रहा, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कुएं में उतरकर पैंथर को ट्रेंकुलाइज किया.

खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने सुनी आवाज

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब धावड़ी गांव के ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्हें पास के एक गहरे कुएं से दहाड़ने और पानी में हलचल की अजीब आवाजें सुनाई दीं. ग्रामीणों ने जब साहस जुटाकर कुएं के भीतर झांका, तो वहां एक पैंथर को पानी में संघर्ष करते देख उनके होश उड़ गए. घटना की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई.

रेंजर का जांबाज रेस्क्यू: मौत के कुएं में उतरे रेंजर

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पैंथर काफी आक्रामक था, जिससे रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही थीं. ऐसे में छोटीसादड़ी रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत ने मोर्चा संभाला. रेंजर चुंडावत रस्सी के सहारे खुद 60 फीट गहरे अंधेरे कुएं में उतरे. यह बेहद जोखिम भरा कदम था क्योंकि पैंथर किसी भी पल हमला कर सकता था. उन्होंने बेहद सटीकता के साथ पैंथर को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया.

सुरक्षित रेस्क्यू और इलाज

पैंथर के बेहोश होने के बाद एक पिंजरे को कुएं के भीतर उतारा गया और सावधानीपूर्वक उसे पिंजरे में शिफ्ट कर बाहर निकाला गया. सुरक्षित बाहर आते ही ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम की बहादुरी की सराहना की. रेस्क्यू के बाद पैंथर को तुरंत डाईखेडा नर्सरी ले जाया गया, जहाँ पशु चिकित्सकों द्वारा उसका मेडिकल चेकअप और प्राथमिक उपचार किया गया. वन अधिकारियों का कहना है कि पैंथर अब पूरी तरह स्थिर है और स्वस्थ होने पर उसे वापस प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *