उदयपुर जिले की झाड़ोल थाना पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इलाके के ‘टॉप-10’ वांछित अपराधियों में शामिल मुख्य सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. इन आरोपियों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर हथियारों के दम पर मारपीट की और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन फिरौती वसूली थी.
क्या था पूरा मामला?
घटना 14 मार्च 2026 की है, जब तलाई निवासी अम्बा लाल वडेरा सामान खरीदने गोराणा गए थे. वहां उन्हें जान-पहचान का हुरिया वडेरा मिला, जो उन्हें विश्वास में लेकर अपने साथ ले गया. आगे रास्ते में पहले से ही 10-12 बदमाश मोटरसाइकिलों पर हथियारों के साथ मौजूद थे. आरोपियों ने अम्बा लाल और उनके साथियों को तलवार व चाकू दिखाकर डराया और एक सुनसान जगह ले गए. वहां बदमाशों ने अम्बा लाल के साथ जमकर मारपीट की और डरा-धमकाकर उनके मोबाइल से PhonePe के जरिए जबरन रुपए ट्रांसफर करवा लिए. वारदात के बाद बदमाश पीड़ित का मोबाइल छीनकर मौके से फरार हो गए.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़ित की रिपोर्ट पर झाड़ोल थाने में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण संख्या 54/2026 दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार एक विशेष टीम का गठन किया गया. थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की सहायता से दबिश दी.
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा:
मेरा उर्फ भेरिया (20 वर्ष): निवासी ढढावली, जो कि पुलिस रिकॉर्ड में टॉप-10 मुल्जिम के रूप में वांछित था.
विक्रम पारगी (19 वर्ष): निवासी बछार.
विशेष टीम की रही अहम भूमिका
इस गिरफ्तारी में थानाधिकारी फैलीराम मीणा के साथ हेड कांस्टेबल रमेश कुमार, लक्ष्मीलाल, सुखदेव, मदन लाल और चालक उमेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही. विशेष रूप से महिला कांस्टेबल सविता ने जांच और धरपकड़ में विशेष भूमिका निभाई. पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य वारदातों के खुलासे होने की उम्मीद है.

