उदयपुर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए उदयपुर पुलिस अब ‘अदृश्य पुलिसिंग’ का सहारा ले रही है. जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार शहर में “कालिका पेट्रोलिंग यूनिट” द्वारा विशेष डिकॉय ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत सादे वस्त्रों में तैनात महिला पुलिसकर्मी मनचलों और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वालों पर पैनी नजर रख रही हैं.
संवेदनशील इलाकों में ‘अदृश्य पुलिसिंग’
9 मई 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा कर रहे हैं. पुलिस की टीमें शहर के उन संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं, जहाँ छेड़छाड़, फब्तियां कसने या चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है. इनमें प्रमुख रूप से स्कूल, कॉलेज, पार्क, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले बाजार शामिल हैं. महिला पुलिसकर्मी आम नागरिकों के बीच सादा वर्दी में मौजूद रहकर अपराधियों को रंगे हाथ पकड़ने का काम कर रही हैं.
घंटाघर और अंबामाता क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
इसी अभियान के क्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने हाल ही में थाना घंटाघर और अंबामाता क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. टीम ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने और महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार करने वाले 5 लोगों को डिटेन किया है. पुलिस ने मौके से एक कार भी जब्त की है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ स्थानीय थानों के सहयोग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
अब तक 12 लोग हत्थे चढ़े
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत से अब तक कुल 12 लोगों को अनुचित व्यवहार और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर व्यवस्था भंग करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है.
उदयपुर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ का यह डिकॉय ऑपरेशन आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा. पुलिस की इस सक्रियता से शहर के सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं में सुरक्षा का भाव बढ़ा है, वहीं असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है.

