बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी थाना क्षेत्र में करीब 4 साल पहले हुए एक सनसनीखेज प्राणघातक हमले के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए सभी 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही, कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है.
क्या था पूरा मामला?
लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला मार्च 2022 का है. टांडी नानी गांव के निवासी मणिशंकर, बंसी उर्फ बंसीलाल, गवजी, फुला उर्फ फुलजी, कल्पेश और परतु उर्फ प्रेमलाल की पीड़ित थावरचंद के साथ पुरानी राजनीतिक रंजिश चल रही थी. इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से थावरचंद के घर पर हमला करने की साजिश रची.
धारदार हथियारों से किया था हमला
आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ थावरचंद के घर पर धावा बोल दिया. हमले के दौरान आरोपियों ने थावरचंद के सिर पर घातक वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा. जब परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव करने आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की. घटना के बाद आनंदपुरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
न्यायालय की सख्त टिप्पणी
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए गए. लोक अभियोजक ने दलील दी कि राजनीतिक द्वेष के चलते किसी के घर में घुसकर जानलेवा हमला करना सभ्य समाज के लिए घातक है. न्यायालय ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए माना कि यह एक जघन्य अपराध है.
सभी 6 दोषियों को जेल भेजने के साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड की राशि में से एक बड़ा हिस्सा पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दिया जाए. न्यायालय के इस फैसले से इलाके में चर्चा बनी हुई है और इसे कानून का इकबाल कायम करने वाला फैसला माना जा रहा है.

