बांसवाड़ा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक बेहद साधारण, आत्मीय और संवेदनशील रूप गुरुवार सुबह बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुड़ादा गांव में देखने को मिला. गांव में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री अलसुबह ही ग्रामीणों के बीच भ्रमण पर निकल पड़े. इस दौरान उन्होंने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना.
खाट पर बैठकर पी चाय, जाना ग्रामीणों का हाल

गांव के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा एक स्थानीय चौपाल पर पहुंचे. वहां उन्होंने ग्रामीणों के आग्रह पर खाट (चारपाई) पर बैठकर उनके साथ चाय की चुस्की ली. सूबे के मुखिया को अपने बीच इतनी सादगी से बैठा देख ग्रामीण भी भावविभोर हो गए. चाय पीते-पीते मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया. उन्होंने पूछा, “गांव में पानी, बिजली और सड़कों की क्या स्थिति है? आपको सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं?” ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री के सामने खुलकर अपनी समस्याएं और क्षेत्र की मांगें रखीं.
मौके पर ही अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समस्याओं को तुरंत नोट किया जाए और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. सीएम ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है.
बच्चों को दुलारा, अपने हाथों से बांटी चॉकलेट
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति विशेष स्नेह देखने को मिला. राह में बच्चों को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने बच्चों को पास बुलाकर दुलारा, उनका नाम पूछा और अपने हाथों से उन्हें चॉकलेट व टॉफियां बांटीं. मुख्यमंत्री के हाथों से उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस सादगी और जमीनी जुड़ाव की जमकर सराहना की.

