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उदयपुर पहुंचे सचिन पायलट का सरकार पर तीखा हमला: ‘हर मोर्चे पर फेल हुई सरकार, युवाओं में भारी आक्रोश’

उदयपुर कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के तूफानी दौरे के बाद मंगलवार शाम को झीलों की नगरी उदयपुर पहुंचे. उदयपुर के देबारी में इंटक (INTK) मजदूर संघ द्वारा आयोजित एक भव्य स्वागत कार्यक्रम में पायलट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया.

वागड़ दौरे पर बोले पायलट: युवाओं में है भारी निराशा

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए सचिन पायलट ने अपने वागड़ दौरे का अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान उनका कार्यकर्ताओं, किसानों, महिलाओं और विशेषकर युवाओं से सीधा संवाद हुआ. पायलट ने कहा, “जनता और कार्यकर्ताओं में वर्तमान व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है. खासकर पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं में गहरी निराशा का माहौल है.

पेपर लीक मामले पर घेरा, कहा— दिल्ली-जयपुर दोनों सरकारें फेल

युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए सचिन पायलट ने एक बार फिर पेपर लीक का मामला पुरजोर तरीके से उठाया. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और पेपर लीक में शामिल हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. पायलट ने सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में दिल्ली (केंद्र) और राजस्थान की सरकारें पूरी तरह फेल साबित हुई हैं.

कानून व्यवस्था और चिकित्सा पर तीखे तीर

राजस्थान सरकार के अब तक के कार्यकाल पर तीखा प्रहार करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन जमीन पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था, चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. हाल ही में हुई गर्भवती महिलाओं की मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं.

चुनाव टालने और एथेनॉल नीति पर उठाए सवाल

स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों में हो रही देरी पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि हाईकोर्ट से फटकार मिलने के बावजूद सरकार चुनाव कराने से कतरा रही है. उन्होंने तंज कसा, “सरकार को अच्छी तरह पता है कि जैसे ही वे जनता के बीच चुनाव में जाएंगे, उनकी पोल खुल जाएगी.” इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में हुई हालिया चोरी के बाद सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की सुस्ती पर भी गंभीर सवाल खड़े किए.

अंत में, एथेनॉल नीति पर बोलते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम लिए बिना कहा कि वह कैबिनेट के उन मंत्रियों में से लगते थे जो थोड़े फ्लेक्सिबल और लिबरल (उदार) हैं, लेकिन जो साख उन्होंने 10 साल में कमाई थी, इस एथेनॉल नीति ने उसे खत्म कर दिया. इसे जनता और उद्योगों पर जबरन थोपा जा रहा है.

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