अमरनाथ बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस लौट रहे उदयपुर संभाग के सलूंबर जिले के श्रद्धालुओं की बस में जम्मू के रामबन जिले में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते पूरी बस बीच हाईवे पर धू-धू कर जलकर राख हो गई. गनीमत यह रही कि बस में सवार सराड़ा ब्लॉक के ढाकड़ा (सलूंबर) गांव के सभी 47 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. समय रहते मुस्तैद सुरक्षाबलों और अन्य वाहन चालकों की सूझबूझ से सभी को गाड़ी से नीचे उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया.

टायर फटने से फ्यूल टैंक में लगी आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, यह हादसा जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के करोल इलाके में हुआ. उदयपुर संभाग के ये श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर बीते 9 जुलाई को रवाना हुए थे. बुधवार शाम को अमरनाथ के सफल दर्शन करने के बाद गुरुवार को सभी यात्री बालटाल से वापस लौट रहे थे. शाम करीब पौने चार बजे करोल के पास अचानक बस का टायर फट गया. टायर फटने के जोरदार धमाके के साथ ही बस के फ्यूल टैंक ने आग पकड़ ली और लपटें तेजी से पूरी गाड़ी में फैलने लगीं.
हाईवे पर ट्रैफिक रुकने के दौरान पीछे चल रही अन्य गाड़ियों के चालकों को आग का आभास हुआ, जिसके बाद तुरंत चिल्लाकर बस ड्राइवर और यात्रियों को सचेत किया गया.
जान बची पर सामान, नकदी और मोबाइल जलकर खाक
हादसे के समय मौके पर भारी चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही पास में तैनात CRPF 84 बटालियन के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे. CRPF के जवानों और फायर टेंडर ने मिलकर स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला.
पीछे चल रही दूसरी बस में सवार सलूंबर निवासी देवीलाल डांगी ने बताया कि भगवान की कृपा से सभी की जान तो बच गई, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी को भी अपना सामान निकालने का मौका नहीं मिला. यात्रियों के बैग, कपड़े, नकदी, दस्तावेज और मोबाइल फोन बस के साथ ही जलकर खाक हो गए.
जम्मू-कश्मीर के एलजी ने लिया संज्ञान, राजस्थान भेजने के निर्देश
हादसे के बाद रामबन जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी यात्रियों के रहने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था की। रात करीब साढ़े दस बजे सभी यात्रियों को जम्मू सुरक्षित पहुंचाया गया.
इस घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि रामबन के डिप्टी कमिश्नर को प्रभावित तीर्थयात्रियों को हर संभव सहायता पहुंचाने और उनके सुरक्षित राजस्थान (उदयपुर/सलूंबर) लौटने के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं.

