दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्री गेट पर ज्ञापन देने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई. माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई.

कुशलबाग मैदान से निकली आक्रोश रैली
दिल्ली की घटना के विरोध में शहर के कुशलबाग मैदान में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए. इसमें मुख्य रूप से कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई स्थानीय संगठनों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए. मैदान में सभा के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलेक्ट्री की ओर बढ़े. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्री गेट पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.
गेट पार करने पर हुआ लाठीचार्ज
प्रदर्शनकारी जब कलेक्ट्री गेट पहुंचे, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के लिए केवल 5 प्रतिनिधियों को ही जिला कलेक्टर कक्ष में जाने की अनुमति दी गई थी. हालांकि, आक्रोशित भीड़ में से कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स और कलेक्ट्री का मुख्य गेट पार कर परिसर के अंदर घुसने का प्रयास करने लगे. पुलिस ने शुरुआत में हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को रोकना चाहा, लेकिन जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
लाठीचार्ज के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जल्द ही पुलिस ने स्थिति पर पूरी तरह से काबू पा लिया. डिप्टी मनीष चारण ने बताया कि हालात नियंत्रित होने के बाद प्रदर्शनकारियों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंदर भेजा गया, जिन्होंने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया और शांति बहाल हुई.

