व्यावसायिक रंजिश के चलते एक निर्दोष क्लीनिक संचालक को झूठे एनडीपीएस (NDPS) मामले में फंसाने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. गोगुंदा और सायरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दंपति समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला?
सायरा-भानपुरा रोड स्थित ‘कृष्णा क्लीनिक’ में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि यहाँ अवैध गांजा रखा हुआ है. सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर क्लीनिक से 1.230 किलोग्राम गांजा जब्त किया.
हालांकि, क्लीनिक संचालक महेश हडिया ने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात महिला कट्टा रखकर गई थी. संदेह होने पर जब पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए, तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया.
व्यावसायिक रंजिश बनी वजह
मामले की जांच गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह राजपुरोहित को सौंपी गई. सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने लीला गरासिया और उसके पति अशोक को हिरासत में लिया.
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि सामने ही मेडिकल दुकान चलाने वाले गोपाल कुमार राय और उसके साथी पदमाराम के कहने पर उन्होंने क्लीनिक में गांजा रखा था. गोपाल कुमार की दुकान के सामने महेश ने हाल ही में नया क्लीनिक खोला था, जिससे दोनों के बीच व्यापारिक विवाद चल रहा था.
गिरफ्तार आरोपी:
- लीला बाई (पत्नी अशोक गरासिया)
- आशाराम उर्फ अशोक (पुत्र रूगाराम गरासिया)
- पदमाराम (पुत्र भीमा गरासिया)
- गोपाल कुमार राय (मुख्य साजिशकर्ता)
- बाबला (गांजा सप्लायर)

