उदयपुर पुलिस महकमे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. शहर के अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ (50) का बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया. प्राथमिक दृष्टि से मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी. इस घटना के बाद पूरे पुलिस बेड़े में शोक की लहर दौड़ गई है.
ड्यूटी के लिए निकले थे, रास्ते में सीने में उठा दर्द
हाथीपोल थानाधिकारी राजू देवी ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी और दलपत सिंह की मोहता पार्क में आयोजित आदिवासी रैली में ड्यूटी लगी हुई थी. दलपत सिंह अपने घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में अचानक उनके सीने में तेज दर्द महसूस हुआ.
तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने तुरंत हाथीपोल थानाधिकारी को कॉल कर इसकी जानकारी दी. इसके बाद मौके पर तुरंत डॉक्टरों की टीम और पुलिसकर्मियों को भेजा गया, जो उन्हें आनन-फानन में महाराणा भूपाल (MB) हॉस्पिटल लेकर पहुँचे.
अस्पताल में दिया गया CPR, इलाज के दौरान तोड़ा दम
एमबी हॉस्पिटल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया और काफी देर तक ‘सीपीआर’ (CPR) भी दिया. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस महकमे में शोक
मृतक थानाधिकारी दलपत सिंह मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के निवासी थे. उनके परिवार में दो बेटे—मयंक राज सिंह (24) और पुष्पेंद्र सिंह (22) हैं. पिता के अचानक चले जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
दलपत सिंह बीते 6 महीनों से अंबामाता थाने में सीआई के पद पर तैनात थे. इससे पहले वे खेरवाड़ा सहित उदयपुर जिले के कई अन्य थानों में भी अपनी सेवाएँ दे चुके थे. उनकी कार्यकुशलता और व्यवहार के चलते पुलिस महकमे के अधिकारी व कर्मचारी स्तब्ध हैं.

