प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उपखंड अंतर्गत रीछा गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी चरनोट भूमि पर बने अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. तहसीलदार अरनोद के न्यायालय द्वारा पारित बेदखली आदेशों की पालना में राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.


सरकारी भूमि पर पक्का मकान और बाड़ा बनाकर किया था कब्जा
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, राजस्व ग्राम रीछा की आराजी संख्या 193 स्थित सरकारी चरनोट (गोचर) भूमि पर लालसिंह पुत्र रूपसिंह राजपूत और जितेन्द्रसिंह पुत्र रूपसिंह राजपूत द्वारा अवैध कब्जा कर पक्का मकान और बाड़ा बना लिया गया था. न्यायालय से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार को प्रशासनिक अमला भारी दलबल के साथ मौके पर पहुँचा और अतिक्रमण ध्वस्त किया.
8 थानों की पुलिस और अतिरिक्त जाब्ता रहा तैनात

कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. मौके पर थाना अरनोद के अलावा पुलिस लाइन, धमोत्तर, सालमगढ़, कोटड़ी, प्रतापगढ़, हथुनिया, रठांजना और महिला थाना प्रतापगढ़ से भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा.
वीडियोग्राफी और बॉडी वार्म कैमरों से रखी नजर
कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और जवानों के बॉडी-वॉर्न कैमरों से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की, ताकि हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहे.
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि और गोचर जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

