डूंगरपुर ओबरी कस्बे में फावड़ा रोड स्थित श्मशान घाट के पास स्थापित धर्मगुरु गोविंद गुरु महाराज की प्रतिमा चोरी होने की घटना से आदिवासी भगत एवं समाजजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है. असामाजिक तत्वों द्वारा की गई इस हरकत के विरोध में समाजजनों ने ओबरी तहसीलदार और थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
विश्व आदिवासी दिवस पर स्थापित की गई थी प्रतिमा
समाजजनों ने बताया कि गत 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर फावड़ा रोड स्थित भूमि पर बड़े ही आदर और श्रद्धा के साथ गोविंद गुरु महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई थी. हालांकि, 11 अगस्त की रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने वहां तोड़फोड़ करते हुए प्रतिमा चुरा ली. आरोपियों ने न केवल प्रतिमा गायब की, बल्कि वहां निर्मित चबूतरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर में लगी धर्म ध्वजा को भी अपने साथ ले गए.
धार्मिक भावनाएं आहत, आंदोलन की चेतावनी
घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में आदिवासी भगत और समाज के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और कड़ा रोष जताया. समाजजनों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि चोरी हुई प्रतिमा को शीघ्र बरामद कर पुनः ससम्मान स्थापित करवाया जाए और इस घिनौने कृत्य में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोविंद गुरु महाराज पूरे समाज के पूजनीय और आस्था के केंद्र है. इस तरह की घटना से पूरे आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं. समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो समाज बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा.

